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Showing posts from May, 2020

कहानी बच्चों के लिए 2

मोनू अपने गाँव में सबसे अच्छा बच्चा है। वह सभी बड़ों का आदर करता है और सबका कहना भी मानता है। व सबसे विनम्रता पूर्वक बात भी करता है। वह नही सातवीं कक्षा में हैं और अपनी कक्षा में सबसे होनहार भी है। उसके गुरुजन भी उसे बहुत प्रेम करते है। पर उसका भाई सोनू जो उससे लगभग दो साल का बड़ा है। बहुत ही सनकी बुद्धि का है। वह किसी बड़े का कहना भी नही मानता। और अपने स्कूल भी नहीं जाना चाहता। वह अभी आठवीं कक्षा में हैं। दोस्तों! दोनो भाई है एक ही घर के पर दोनो में कितनी भिन्नता है ना।  सोनू इस कारण ऐसा है क्योंकि उसके मित्र भी ऐसे ही हैं। सबको परेशान करना, लड़ाई करना उनका काम है। इस कारण उसके माता पिता को भी उसकी शिकायत मिलती ही रहती है। वह झूँठा भी था। एक बार की बात है, गर्मी का मौसम था और उसके घर में आग लग गयी। वह दौड़ते हुए अपने गाँव के लोगों को इसकी सूचना दी। पर किसी ने उसका यकीन नहीं किया। क्योंकि ये काम वह आये दिन मजा लेने के लिए करता था। तभी मोनू भी दौड़ते हुए आया और उसने आग लगने की सूचना गाँव वालों को दी। तो सभी ने उसकी बात को गंभीरता से लेते हुए जाकर आग बुझाई।    तब सोनू सोच...

कहानी 1

बात तब की है जब राम वनवास को गए थे। रास्ते में उन्हे बहुत से राक्षस मिले जो वनों में रहते थे, और साधु संतों को परेशान करते थे। उनमे से एक राक्षस जो बहुत क्रूर और शक्तिशाली था, राम जी को आता देख अपना मायावी रूप धारण करके अदृश्य होकर बोलने लगा की- " हे मनुष्य, तू इस जंगल से क्यों जा रहा है? क्या तूने मेरे बारे में नहीं सुना? क्या तुझे डर नहीं लगता? " इस तरह का प्रश्न उसने राम जी से किया राम जी बगैर डरे साहस के साथ उससे कहते हैं कि- हे अहंकारी दुष्ट राक्षस तू छिपकर क्यूँ बात कर रहा है? यदि तुझमें साहस है तो सामने आ। दोस्तों!   फिर वह राक्षस राम जी के सामने बहुत विशाल और भयानक रूप में सामने आया। इसके बाद उन दोनो में युद्ध हुआ, भयंकर युद्ध। लेकिन मित्रों अंत में जीत हमारे राम जी कि हुई क्योंकि वे सत्य के साथ थे। हारने के बाद उसने अपनी प्राण रक्षा के लिए राम जी से क्षमा मांगी। राम जी ने उसे क्षमा कर दिया और उससे वचन लिया कि, वह अब किसी भी मनुष्य को परेशान न करे।    तो दोस्तों हमें इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि 1. हमे साहसी और सत्य का साथ देना चाहिए। 2. यदि हमसे कोई...