यदि मै चिड़िया होती

 यदि मै चिड़िया होती

तो उड़ती इधर उधर

कहीं भी

नापती आसमां के ऊँचाई को

पर

मै मारी भी जाती

तोड़े जाते मेरे घोंसले

तब मै क्या करती

चलो

आज देह से मनुष्य

पर हृदय से चिड़िया बना जाय

चलो आज कुछ नया किया जाय

यदि संकल्प अटल है

भाग्य तनिक भी प्रबल है

तो कोई भी रोक नहीं सकता

______ 🐧🐧🐦🐤🦆🦅🐔🦉🦇


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